आचार्य चाणक्य का कहना हैं कि पुरुषों के तुलना में स्त्रियां ज्यादा सहनशील होती हैं। हालांकि कई कई स्त्री घर में अपने पति खूब चीखती चिल्लाती हैं।

आम बात हैं पत्नी को ऐसा करने से पति को गुस्सा आता होगा। लेकिन यहाँ आचार्य चाणक्य स्त्रियों के पक्ष में कुछ अलग ही तर्क देते हैं।

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि बात - बात पर रोने चीखने और चिल्लाने वाली पत्नी काफी शुभ होती हैं। ऐसी स्त्रियों का सम्मान करना चाहिए।

इस तरह के औरते सच्चे मन वाली होती हैं। जो अपने हर बात को रोने और चीखने - चिल्लाने के साथ निकाल देती हैं। 

आचार्य चाणक्य के अनुसार इस प्रकार की स्त्रियां बहुत ही नाजुक होती हैं। अधिक संवेदनशील स्त्रियां चिल्लाने मात्र से रोने लगती हैं,

लेकिन जिसका भी विवाह ऐसे स्त्री के साथ होता हैं, उसके किस्मत के ताले खुल जाते हैं। 

ऐसी स्त्रियां परिवार के लिए काफी शुभ मानी जाती हैं जो छोटी - बड़ी बात को मन से निकल देती हैं। 

मन साफ होने के कारण ऐसी स्त्रियां किसी के प्रति द्वेष भावना नहीं रखती हैं। ऐसी महिलाएं कभी किसी का दिल नहीं तोड़ती हैं। 

इस तरह के स्त्री हमेशा दूसरों के भावनाओं को ध्यान में रखती हैं।  

इन आदतों के कारण लड़के 20 के उम्र में दिखने लगते हैं बूढ़े।