जैसा कि आपक सभी को पता होगा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट के रिजल्ट और टॉपर्स की लिस्ट जारी कर दी हैं।

 इस लिस्ट में झारखण्ड के एक लड़के आयुष झा का भी नाम हैं। 

 जिनकी टॉपर बनने के पीछे की कहानी थोड़ी फनी हैं।

जो अच्छे पकवान के लालच में टॉपर बन गए। उससे पहले हम थोड़ा आयुष झा के बारे  में जानते हैं। 

झारखण्ड के नीट टॉपर आयुष झा के पिता सुमन कुमार झा बागबेड़ा में एक दवा की दुकान चलाते हैं। 

वही आयुष की माँ पिंकी देवी गृहणी हैं। अपने माता - पिता के साथ आयुष बागबेड़ा में ही रहते हैं।

आपको बता दे कि आयुष 720 में से 695 अंक प्राप्त करके नीट टॉपर बने हैं। आयुष के उपलब्धि से परिवार में सभी लोग बड़े खुश हैं। 

आपको जानकर आश्चर्य होगा की आयुष के घर में पिछले 2 साल से कोई अच्छा पकवान नहीं बना था। 

आयुष झा अच्छे पकवान के लालच में बन गए टॉपर

 दरसअल बात ये हैं कि माँ ने अपने आयुष से कहाँ कि जब तुम नीट का परीक्षा पास करके दिखायेगा तब ही घर में कोई पकवान बनेगा।

इसी लालच में आयुष ने नीट परीक्ष टॉपर्स बन गए। और दो साल बाद अपने घर का बना अच्छा पकवान खाने को मिला।   

500 में 500 अंक लाने वाली तान्या आईएएस टीना डाबी जैसा बनना चाहती हैं।