चाणक्य नीति: कुछ बातें इंसान को बिना आग के जलाती हैं।

आचार्या चाणक्य द्वारा कही कई कुछ ऐसी बाते आज आप जानने वाले जो आपको कही भी, कभी काम आ सकता हैं, इसीलिए इसे पूरा अंत तक जरूर पढ़े ।

1. नदी के किनारे वाली वृक्ष, दूसरे के घर जाने वाली अथवा रहने वाली स्त्री और बिना मंत्रियों का राजा यह सब निश्चय ही शीग्र नष्ट हो जाती हैं।

2. एक ब्राह्मण का बल उसकी तेज़ और विद्या हैं, एक राजा का बल उसकी सेना में हैं,

एक वैश्य का बल उसकी दौलत में हैं और शूद्र का बल उसकी सेवा - भाव में हैं।  

3. वेश्या निर्धन व्यक्ति को त्याग देना चाहिए, प्रजा को पराजित राजा को त्याग देना चाहिए, 

पक्षियों को फल रहित वृक्ष को त्याग देना चाहिए और अतिथियों को भोजन करने के बाद मेजबान के घर से निकल जाना चाहिए। 

4. जो व्यक्ति दुराचारी, कुदृष्टि वाले और बुरे स्थान पर रहने वाले मनुष्य से मित्रता करता हैं वह शीग्र नष्ट हो जाता हैं। 

5. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि पत्नी का वियोग, अपने ही लोगो से बेइज्जत होना, बचा हुआ कर्ज, 

दुष्ट लोगो की सेवा करना, गरीब और दरिद्रों की सभा, ये बाते इंसान को बिना अगनी को ही जला देती हैं।  

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