आचार्य चाणक्य द्वारा बोला गया हर वचन ज्ञान से भरा होता हैं। जो उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलता हैं वह सफलता प्राप्त कर सकता हैं।

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि कई ऐसे पक्षी है जो हमारे जीवन को आसान बनाना सिखाते हैं। 

तो चलिए जानते हैं कि आप उन पक्षियों के गुण को अपना कर सफल इंसान कैसे बन सकते हैं। 

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने इन्द्रियों को बस में कर लिया समझो वह सफल हो गया। 

1. बगुला

जैसे एक बगुला अपने इन्द्रियों को नियंत्रित करना जानता हैं।

बगुला तालाब के किनारे चुपचाप बड़े ध्यान से बैठा होता हैं ताकि उसका शिकार उससे डरकर भाग न जाये। 

ठीक इसी प्रकार हर व्यक्ति को शांत रहकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ताकि सफलता उसे बड़े आसानी से प्राप्त हो जाये। 

जैसा कि आप सभी को पता होगा कि कोयल अपने सुरीली मीठी आवाज़ के लिए जानी जाती हैं। 

2. कोयल

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को  कोयल जैसी मधुर बोल, आवाज़ को अपनाकर लोगों को अपने ओर आकर्षित कर सकता हैं। 

मधुर आवाज़ का मतलब हैं कि किसी से चीख़कर,  गुस्से में नहीं बात करनी चाहिए बल्कि शांत होकर प्यार से बात करना चाहिए।

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि हमें मुर्गे से भी बहुत कुछ सीखने को मिलता जैसे मुर्गा सूर्योदय से पहले उठता हैं। 

3. मुर्गा

ठीक इसी प्रकार हर इंसान को सूर्य को निकलने से पहले बिस्तर छोड़ देना चाहिए। 

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि कौवा बेहद ही चालक पक्षी होता हैं। उनका कहना था कि जिस प्रकार कौवा हर समय सतर्क सावधान रहता हैं 

4. कौवा

ठीक इसी प्रकार मनुष्य को हमेशा सतर्क और सावधान रहना चाहिए। ताकि व्यक्ति आने वाली मुशीबतों के लिए पहले से तैयार रहे।

इसीलिए हमेशा संगति अच्छे और सज्जन लोगों का ही करे अन्यथा न ही करे।