अनेकों प्रयास के बाद हो रहे असफल तो करे ये काम, दौड़ी आएगी सफलता

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि असफलता तो एक सबक हैं। अपने सोच में सकारात्मकता लाये।

आचार्य आगे कहते हैं कि जहाँ आपको काम करना हैं उस जगह के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए।

बाज की नजर रखे ताकि कोई भी आपके काम में बाधा न डाल सके। अपने लक्ष्य पर एक शेर की तरह नज़र रखना चाहिए। 

जैसे शेर अपने शिकार पर नजर रखता हैं और मौका मिलते ही शिकार को झपट लेता हैं। 

शेर अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं भटकाता फिर चाहे बीच में कितनी ही बाधाएं क्यों न आ जाए।

आचार्य कहते हैं कि अपने इच्छाओं को नियंत्रित करने वाले,

विकर्षणों को दूर करने और चुने हुए मार्ग के प्रति अनुशासित दृष्टिकोण बनाये रखने वाले सफलता के शिखर तक पहुंच पाते हैं। 

आचार्य आगे कहते हैं कि कई बार मनुष्य अपने कर्मो के वजह से भी सफल नहीं हो पाते हैं।

फिर चाहे ओ कितनी मेहनत क्यों न कर ले। आचार्य चाणक्य के अनुसार अपने धन और प्रतिभा पर कभी अहंकार न करे।

और नाही इसका दिखावा करे क्योंकि ऐसा करना आपको राजा से रंक बना सकता हैं।   

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