ड्र्ग इंस्पेक्टर के पास मिला 4.11 करोड़ कैश।

ड्रग इंस्पेक्टर के पद का दुरूपयोग करते हुए नाजायज तरीके से करोड़ो रूपए अर्जित कर लिया था जितेंद्र साहेब। 

इतना ही नहीं जीतेन्द्र शिक्षा माफिया भी हैं।

वह एक निजी कॉलेज का डायरेक्टर भी हैं और वह कॉलेज पटना में ही हैं। कॉलेज बिहार फॉर्मेसी के नाम से प्रसिद्ध हैं। 

इस कॉलेज से भी जीतेन्द्र करोड़ो रूपए कमाता था।

 विभाग में जीतेन्द्र सिंह का गजब का दबदबा था , इसी लिए लोग इसे साहेब कहकर बुलाते थे।

पटना (एरिया 5) में तैनात ड्रग इंस्पेक्टर जीतेन्द्र ने इतना कमाया हैं , कि इसका अंदाज विजिलेंस ब्यूरो को भी नहीं था। 

शनिवार को विजिलेंस की टीम उसके ठिकानों छापेमारी कि तो दीवान और अलमारी में नोटों की गड्डी देखकर दंग रह गई। 

नोट गिनने के लिए दो मशीन मंगवाई गई, लेकिन नमी न रहने से जकड़े हुए नोटों को गिनते - गिनाते दोनों मशीनें ठप पड़ गई। 

नोट गिनने के लिए दो मशीन मंगवाई गई, लेकिन नमी न रहने से जकड़े हुए नोटों को गिनते - गिनाते दोनों मशीनें ठप पड़ गई। 

 नोटों को 3 - 4 चैन वाले बैग में ठूस - ठूस कर रखा गया था। फिर गिनती शुरू हुई और देर रात 12 बजे तक गिनती चलती रही। कुल 12 घंटे के गिनती में करीब 4 करोड़ 11 लाख रूपए मिले हैं।